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विकास के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा – ऊर्जा मंत्री श्री तोमर

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भोपाल :ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने ग्वालियर शहर के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा है कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होना चाहिए। निर्धारित समय में और पूर्ण गुणवत्ता के साथ शहर विकास के प्रोजेक्ट पूर्ण हों, यह हम सबकी जवाबदारी है। विकास के कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जायेगा। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने मंगलवार को ग्वालियर जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शहर विकास की समीक्षा की।

श्री तोमर ने कहा कि विकास कार्यों के लिये जो समय– सीमा निर्धारित है उसी में निर्माण कार्य पूर्ण हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्वालियर के लिये एलीवेटेड रोड़ निर्माण का प्रोजेक्ट सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा देरी नहीं होना चाहिए। निर्माण कार्य की रिपोर्ट प्रतिदिन जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही जिले के वरिष्ठ अधिकारी इसकी निरंतर मॉनीटरिंग भी करें। निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की दिक्कत आ रही है तो जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ ही नगर निगम के अधिकारी इसमें आपसी समन्वय कर कार्य निरंतरता के साथ कराएँ।

सड़कों के निर्माण के संबंध में ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि हजीरा से किलागेट और किलागेट से फूलबाग तक निर्मित की जा रही सड़क पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरी हो। गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। हजीरा सब्जीमंडी में निर्मित की जाने वाली दुकानों के निर्माण कार्य भी तत्परता से प्रारंभ किए जाएं। उन्होंने बैठक में यह भी कहा कि स्मार्ट सिटी एवं नगर निगम के माध्यम से शहर में कई अच्छे पार्क निर्मित किए गए हैं। इन पार्कों में सीसीटीव्ही कैमरे लगाए जाएँ और उसकी मॉनीटरिंग की जाए। कुछ असमाजिक तत्व उद्यानों में शासकीय सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने का प्रयास करते हैं, ऐसे लोगों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाना चाहिए।

ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने नगर निगम के अधिकारियों से भी कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाईट संधारण के कार्य को पूर्ण गंभीरता के साथ करें। स्वच्छता और स्ट्रीट लाईट के कारण शासन-प्रशासन की छवि खराब नहीं होना चाहिए। इन दोनों कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी और कर्मचारियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई भी की जाए। शहर के प्रमुख चौराहों पर अस्थायी अतिक्रमण को भी गंभीरता से लिया जाए।

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